soch

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Saturday, November 19, 2011

बस अब और नहीं

बस अब और नहीं
नहीं तो ....................
फोड़ देंगे , काट देंगे , छील देंगे 
बहुत सह लिया कम्बखत दुनिया को 
ये साली गलत को सही , और सही को गलत बताती है 
हम क्यों माने ...............
हम सही है तो सही ही है ..........
कर लो जो तुमसे हो सकता है 
साला एक प्यार ही तो किया है 
बस ....... यही गलती है हमारी ??
हम तो करेगे 
ताउम्र करेगे ........
दिल से करेगे.... रोम रोम से करेगे 
वो करे चाहे न करे ...........

Friday, November 18, 2011

सजा में कितना मजा है

तुम पास नहीं फिर भी कितने पास हो 
पहले दिल से लग जाते थे
अब दिल में समां गए हो 
तुम सोचती हो यह सजा है
पर तुम्हे क्या पता इस सजा में कितना मजा है
गुमसुम , अलग थलग  , मस्त 
रहने में आपना ही मजा है 
वो  किसी ने सच कहा है 
" तुमको मैं  हार गया खुद को ,
तुमको मैं जीता हु "

Wednesday, November 9, 2011

सच्चा प्रेम जो मैंने किया है तुमसे ................

कुछ रिश्तो के अपने ही मायने होते है 
वो न तो  भगवान बनाता है
न ही हम खुद बनाते है
बस बन जाते है खुद ब खुद
चाहे हम जितना भी बदलना चाहे , भूलना चाहे
लाख कोशिश  कर ले पर ,
उनकी एक अपनी ही खास जगह होती है 
अन्त्रमन्न  में , 
वो रिश्ते हमे ऐसे मंत्र मुग्ध  करे रखते है 
की अपने आप से रिश्ता ख़तम सा हो  जाता  है
सच ...........................
जब दो आत्माओ का मिलन हो जाता है
तो दुनिया की कोई भी शक्ति उन्हें अलग नहीं कर सकती 
सब तत्र मंत्र  परास्त हो जाते है इसके आगे 
सही मायने में यही है सच्चा  प्रेम
जो मैंने किया है तुमसे ......................................  

Wednesday, September 14, 2011

अभी तक हारा नहीं हु मैं





लगा कर आग जो हाथ सेकते है
कभी इधर  की तो कभी उधर  की फेकते है 
नजर नहीं आयेगे जब होगा सामना 
कर दूंगा हषर वो की  मुश्किल हो जायेगा पहचानना 
मासूम दिलो  के जज्बातों से खेलना 
पड़ेगा बहुत महंगा उन्हें
बहुत रुलाया , तडपाया , मजबूर किया है हमे 
जूठी तोहमते , इल्जाम बहुत सहे है हमने 
हँसी आते है सोच कर , क्या होगा उन जालिमो का
जब आपनी पर आएगा कोई 
मेरी हस्ती तो तुम मिटा न सके 
आएगा मजा जब तुमारी हस्ती मिटाएगा कोई  
क्योकि खेल अभी ख़तम नहीं हुआ
अभी तक हारा नहीं हु मैं 

Sunday, September 4, 2011

कोई तो हो अपना

कभी कभी ऐसा क्यों होता है 
की जो बातें बनी बनाई है
वही झूठी साबित हो जाती है
लोग कहते है जिस चीज़ के पीछे भागो
वोह तुम्हे कभी नहीं मिलती
जब भागना छोड़ दो
तो वोह खुद बखुद तुमरे पास चली आती है
लकिन उसके साथ तो ऐसा भी नहीं हुआ
माँ के गुजरने के बाद प्यार को तरसता एक बच्चा
मिली तो हमदर्दी , वोह भी झूठी 
जब बड़ा हुआ तोह दोस्तों में प्यार तलाशने लगा
भाग रहा था प्यार के पीछे , पर कहीं नहीं मिला
जब वोह आई उसकी जिन्दगी में 
तो  लगा जैसे तलाश पूरी हो गई
पर वो नहीं जानता था , बनी बनाई बातो को
प्यार तो उसके नसीब में ही नहीं था 
आज भागना छोड़ दिया उसने प्यार के पीछे 
लकिन वो बातें अभी भी सच नहीं हुई 
इस जिन्दगी में कोई तो हो अपना
जिसे वो  अपना बस अपना कह सके  

Saturday, August 20, 2011

लहू को तो उबल जाने दो

करेगे बात तुमसे भी 
जरा यह बुरा वक़्त गुजर जाने  दो 
दोस्तों से भी मिलेगे जी भर के 
दुश्मनों से तो निपट जाने दो 
भभक तो उठी है आग सीने में
जरा लहू को तो उबल जाने दो 
लगा दूंगा आग सारे ज़माने को
जरा मैदान में तो उत्तर जाने दो 
देख लेना हषर उन परिंदों का 
जरा हाथ में तो आ जाने दो 

Thursday, July 21, 2011

मेरा नाम रिश्वत है

नमस्कार सज्जनों मित्रो और सरकारी बाबुओ
मेरा नाम रिश्वत है
आपके समाज में मेरे और भी कई नाम जैसे
घूस , मिठाई , चाय पानी... .............
में बहुत शुकर गुजर हु उन सभी सरकारी बाबुओ का
जिनकी बदोलत ( खासकर अ...... सिंह जी का ) आज मैंने दिल्ली में
आपना घर बसा लिया है......
वैसे तोह मेरे इस देश में हर जिले में घर है
जिनमे मेरा सारा कुनबा बसा हुआ है
आज से कुछ साल पहले मेरा कोई वजूद नहीं था
गुमनामी की जिन्दगी जी रही  थी मैं
बाबुओ के टेबल के नीचे , या मिठाई के डिब्बो तक
ही सीमित रह गई थी मैं
भला हो यह स्टिंग ओपरेशन  वालो का , न्यूज़ चैनल
वालो का जिन्होंने मुझे इस गुमनाम जिन्दगी  से निकाल कर
सियासत की शीर्ष पर बीठा दिया है 
मेरे कुनबे के कुछ समारोह जैसे हवाला , नोट के बदले वोट
बहुत ही परसिद हुए जिनके लिए मैं आप सब की तहे दिल
से शुकर गुजर हु
बहुत से लोग इस देश में ऐसे है जो मेरा देश निकला 
चाहते है , मैं गुजारिश करती हु उन लोगो से
किरपा कर के यह विचार दिमाग से निकाल दे
एक तो मेरे सर पर हाथ उन लोगो का है 
जिनके होते कोई मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता
डरती हु मैं  बाबा रामदेव  से , अन्ना हजारे से 
लोकपाल से ......................
इस विशव में ऐसा कोई भी देश नहीं जहाँ मैं 
आपना घर बसा सकू 
अब आप लोग इसे मेरे प्राथना समझ लो 
या फिर धमकी 
अगर  मेरा इस देश से विसर्जन हुआ तो 
मैं उन सब लोगो को ले डूबुगी  जो मेरे साथ
इन सब में शामिल है
अब देखते है किसमे कितना है दम........
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आप लोग इसे  एक वयंग्य न समझे 
यह एक सच्चाई है ....
आओ और मिल कर इसका सामना करे