soch

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Wednesday, February 1, 2012

टाइटल रहित

देखा उन्हें इतेफाक से आज
उन्होंने भी देखा 
पर कर दिया अनदेखा 
थी मुस्कराहट उनके चहरे पर
देख उनकी  मुस्कराहट 
तबियत हुई मेरी खुश 
तभी महसूस हुआ कुछ
वो कर रहे है गुफ्तगू किसी और से
वो भी फ़ोन से
तब याद आया कुछ
ये वही खुशी और मुस्कराहट है 
जो कभी आती थी हम्हे देख  कर

  

Saturday, January 28, 2012

अभी तक जिन्दा हु मैं

मेरी जिन्दगी का सबसे बड़ा झूठ
सबसे बड़ा मजाक
सबसे बड़ा दर्द
सबसे बुरा सपना
सबसे मुश्किल काम
सबके लिए समस्या
ये है की ..............

"अभी तक जिन्दा हु मैं " 

बस इंतज़ार है

उसको थी पसंद शानो शोकत 
मुझे लगा शायद है वोह मेरी सादगी पे मरती
उसको थी पसंद दौलत पैसा
मुझे लगा उसे सिर्फ चहिये मेरे जैसा 
उसको थी आती बाते बनानी 
मुझे लगा वोह कहती है दिल की
वोह तब भी जी सकती थी मेरे बिना
मुझे लगा वो अब भी करती है याद मुझे 
जो जो उसने मुझे
दिखाया
समझाया
बतलाया
दर्शाया
वो सब कुछ क्या सिर्फ झूठ था 
हाँ  या ना
मुझे लगा वोह सच कहती है 
आज कही नहीं है वो
मुझे लगता है यही कही है 
उसका कहना 
मेरा समझना
आज भी उलझा हु इन सब सवालो में 
शायद उलझा भी रहू जब तक की
वो आ ना जाये 
समझा ना जाये
अब तो बस इंतज़ार है की
पहले वो आते है या आखिरी सांस 

Monday, December 26, 2011

तुम तो मेरे अपने थे

बहुत शिकवे है गैरो से हमें ...
पर तुम तो मेरे अपने  थे 
बहुत सहे इल्जाम गैरो से हमने 
पर तुम तो मेरे अपने थे ......
नहीं है परवाह गैरो की आज भी हमें 
पर.........................................
 तुम तो मेरे अपने थे ...

Saturday, November 19, 2011

बस अब और नहीं

बस अब और नहीं
नहीं तो ....................
फोड़ देंगे , काट देंगे , छील देंगे 
बहुत सह लिया कम्बखत दुनिया को 
ये साली गलत को सही , और सही को गलत बताती है 
हम क्यों माने ...............
हम सही है तो सही ही है ..........
कर लो जो तुमसे हो सकता है 
साला एक प्यार ही तो किया है 
बस ....... यही गलती है हमारी ??
हम तो करेगे 
ताउम्र करेगे ........
दिल से करेगे.... रोम रोम से करेगे 
वो करे चाहे न करे ...........

Friday, November 18, 2011

सजा में कितना मजा है

तुम पास नहीं फिर भी कितने पास हो 
पहले दिल से लग जाते थे
अब दिल में समां गए हो 
तुम सोचती हो यह सजा है
पर तुम्हे क्या पता इस सजा में कितना मजा है
गुमसुम , अलग थलग  , मस्त 
रहने में आपना ही मजा है 
वो  किसी ने सच कहा है 
" तुमको मैं  हार गया खुद को ,
तुमको मैं जीता हु "

Wednesday, November 9, 2011

सच्चा प्रेम जो मैंने किया है तुमसे ................

कुछ रिश्तो के अपने ही मायने होते है 
वो न तो  भगवान बनाता है
न ही हम खुद बनाते है
बस बन जाते है खुद ब खुद
चाहे हम जितना भी बदलना चाहे , भूलना चाहे
लाख कोशिश  कर ले पर ,
उनकी एक अपनी ही खास जगह होती है 
अन्त्रमन्न  में , 
वो रिश्ते हमे ऐसे मंत्र मुग्ध  करे रखते है 
की अपने आप से रिश्ता ख़तम सा हो  जाता  है
सच ...........................
जब दो आत्माओ का मिलन हो जाता है
तो दुनिया की कोई भी शक्ति उन्हें अलग नहीं कर सकती 
सब तत्र मंत्र  परास्त हो जाते है इसके आगे 
सही मायने में यही है सच्चा  प्रेम
जो मैंने किया है तुमसे ......................................