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Friday, July 27, 2012

महिला और पुरुष

महिला,  स्त्री , लड़की  
महिला वो भी है जो ९ महीने संतान को कोख में रख कर असीम पीड़ा को सहते हुए संतान को जनम देती है 
महिला वो भी है जो अपने बहुमूल्य प्यार का त्याग कर पिता की मान मर्यादा के लिए हस्ते हस्ते किसी अनजान शख्स  से विवाह करती है 
महिला वो भी है जो खुद  खाए   बिना  आपने बच्चो का पेट भरती है
महिला ही है वो जो कभी सचे प्रेम को नहीं भूलती  चाहे वो दर्शाए कुछ भी
महिला ही है वो जो कभी दुर्गा , कभी लक्ष्मी कभी झाँसी के रानी बनती रही है 

पुरुष लड़का  मर्द 
पुरुष वो है  जो  महिलाओ के मान मर्यादा के लिए लड़ता है चाहे वो माँ हो या बहेन
पुरुष वो भी है जो सारा दिन मेहनत कर घर का पालन पोषण करता है
पुरुष वो भी है जो बच्चो के शिखा दीक्षा के लिए अपने आप को बेचने तक तयार रहता है
पुरुष वो भी है जो संतान के लिए कितने ही समझोते करता है

इस संसार में दोनों एक दुसरे के पूरक है 
दोनों एक दुसरे के बिना अधूरे है 
कभी दोनों सामाजिक रिश्तो में एकदूसरे का साथ निभाते है 
कभी भावनात्मक रिश्तो के आड़ में एक दूजे को जीने का होसला देते है 
  


 

2 comments:

Sunil Kumar said...

आपसे सहमत शत प्रतिशत सार्थक पोस्ट.....

vipin sethi said...

शुक्रिया सुनील जी